जौनपुर: राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश की पूर्वांचल परिक्षेत्रीय कमेटी द्वारा परिचर्चा में उत्तर प्रदेश पावरकार्पोरेशन लि व उसकी सहयोगी वितरण कंपनियों तथा उप्र पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लि के अंतर्गत तकनीशियन (टी जी 2) सेअवर अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिक) (सामान्य श्रेणी) के पदों पर मुख्य अभियंता हाइडिल उप्र पावर कॉरपोरेशन लि शक्ति भवन लखनऊद्वारा वर्तमान में जारी चयन/ प्रोन्नति प्रक्रिया में मृत हो चुके कार्मिकों, प्रोन्नति हेतु पूर्व में ही अपनी असहमति दे चुके कार्मिकों, व पूर्व मेंअवर अभियंता पद पर प्रोन्नति पा चुके कर्मियों को शॉर्टलिस्ट किए जाने संबंधी अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की गई।
परिक्षेत्रीय कमेटी ने यह भी बताया कि ऊर्जा क्षेत्र की ही कंपनी उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि द्वारा पूर्व में ही अंशकालीनअनुमति के आधार पर सायंकालीन/ रात्रिकालीन विधि से अर्जित आई.टी.आई. प्रमाण पत्रों को तकनीशियन से अवर अभियंता पद परप्रोन्नति हेतु अवैध/ अमान्य घोषित किए जाने के बावजूद भी ऐसे प्रमाण पत्र धारकों को मुख्य अभियंता हाइडिल द्वारा चयन हेतुशॉर्टलिस्ट किए जाने पर संवर्ग में अत्यंत निराशा व रोष व्याप्त है।
पूर्वांचल परिक्षेत्रीय कमेटी ने बताया कि इस प्रकार चयन प्रक्रिया में अनियमितता बरते जाने के परिणामस्वरूप न सिर्फ प्रोन्नति हेतुपात्र व योग्य कार्मिकों को चयन से वंचित किया जा रहा है अपितु अनेकों कार्मिक माननीय न्यायालय शरण लेने को विवश हो रहे हैं।
पूर्वांचल अध्यक्ष सत्या उपाध्याय ने कहा कि अवर अभियंता एक तकनीकी पद है ।पदोन्नति हेतू पात्रता सूची बनाने में इस पर ध्यान दिएजाने की जरूरत है ।लेकिन मात्र साक्षर ,असहमत लोगो को शामिल कर योग्य लोगो को मौका देने से रोका जा रहा जो अन्याय पूर्ण है।उन्होंने अनुरोध किया कि पात्रता सूची में शामिल करने के लिए एक योग्यता निर्धारित की जानी चाहिए और उस योग्यता को पूरा करनेवालो को ही शॉर्ट लिस्ट करना चाहिए।
पूर्वांचल परिक्षेत्रीय कमेटी द्वारा ऊर्जा प्रबंधन से यह अपील की गई तकनीशियन से अवर अभियंता पद पर प्रोन्नति हेतु शार्टलिस्टसूची में सुधार कर उसपर नियमानुसार आपत्ति प्राप्त किए जाने के उपरांत ही पारदर्शिता के साथ चयन पूर्ण किया जाए जिससे प्रोन्नतिहेतु पात्र वा योग्य कार्मिकों को चयन के समान अवसर प्राप्त हो सकें।

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