जौनपुरः पूर्व विधायक नदीम जावेद के नौकर का फंदे पर लटकता मिला शव, पत्नी बोली- डिप्रेशन में थे पति J Bharat Jaunpur News





पूर्व विधायक नदीम जावेद के जौनपुर के पाराकमाल स्थित पैतृक आवास की देखभाल करने वाले उनके नौकर की रविवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। उसका शव पूर्व विधायक के दादा के खाली पड़े कमरे में पंखे के सहारे लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


पाराकमाल गांव निवासी ओमकार राजभर (40) पुत्र बेचन, पूर्व विधायक नदीम जावेद और उनके दादा स्वर्गीय मियाज अहमद के आवास की देखभाल व साफ सफाई करते थे। उन्होंने रोजाना की तरह सुबह अपने घर से पूर्व विधायक नदीम जावेद के पुराने मकान पर पहुंच कर साफ सफाई की।

इससे पहले उन्होंने गांव में कुछ लोगों के यहां दूध भी दिया था। काफी देर तक घर का मुख्य दरवाजा खुला देख पड़ोस का कोई व्यक्ति ओमकार को आवाज देते हुए घर में चला गया। जहां स्वर्गीय मियाज अहमद के कमरे में पंखे से उनका शव लटकता देखे चीख पड़ा। थोड़ी ही देर में परिजन व गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की पत्नी मनभावती का कहना था कि ओमकार कई दिनों से डिप्रेशन में थे। उनका इलाज भी चल रहा था। घटना के समय पूर्व विधायक के दादा के आवास पर कोई नहीं था। आवास में रहने वाली पूर्व विधायक की दादी बदरुन्निसा उर्फ हज्जिन दादी शुक्रवार को पूर्व विधायक के जौनपुर आवास चली गई थीं।


ओमकार से तीन पुत्र शैलेश (19), नीतीश (14)  मिथिलेश  (8) और बेटी संध्या (16) हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के भेजा गया है। परिजन ओमकार को डिप्रेशन का मरीज बता रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

नहर में गिरे किशोर की डूबने से मौत

मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के वारी गांव से गुजरी शारदा सहायक नहर में डूबने से रविवार को एक किशोर की मौत हो गई। तीन घंटे की खोजबीन के बाद उसका शव बरामद हो सका, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 


वारी गांव के पास नहर पर पुलिया बनी है। पुलिया पर सुबह नौ बजे टहलते हुए आशीष गौतम (16) पुत्र रमेश गौतम पहुंचा था। सकरी बनी पुलिया पर टहल रहा था, जहां असंतुलित होकर नहर में गिर पड़ा। खबर लगते ही गांव में हड़कंप मच गया। इसी बीच घटना की जानकारी पुलिस को दी।

मौके पर मछलीशहर कोतवाली से सब इंस्पेक्टर गोपाल तिवारी भी पहुंचे और वर्दी निकालकर ग्रामीणों के साथ नहर में शव को खोजने में जुट गए। तीन घंटे की खोजबीन के बाद दोपहर 12 बजे आशीष सरपत के झुरमुट में फंसा मिला है।


सांस चलने की बात कहकर पुलिस और परिजन बाइक से लेकर मछलीशहर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आशीष चार भाई-बहनों में मृतक सबसे बड़ा था। इस संबंध में मछलीशहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय ने कहा कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।



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