जौनपुर: बक्शा थाना क्षेत्र में स्थित हनुमानगढ़ी मन्दिर के पुजारी राम अवध 65 का निधन गुरुवार की भोर में करीब साढ़े तीन बजे हो गयी। पुजारी के परिजनों द्वारा मन्दिर परिसर में अंत्येष्टि की तैयारी की जा रही थी कि खबर आसपास के गांव में फैल गयी। लोग एकत्र हो गए। लोगों ने शव जलाने की नई परम्परा का विरोध किया। जिसकी जानकारी होते ही मौके पर एसडीएम व सीओ पहुंच गए। किसी तरह समझाते हुए मामले का पटाक्षेप कराया।
जानकारी के अनुसार सद्दोपुर गांव निवासी रामअवध लंबे समय से मंदिर के पुजारी के तौर पर देखभाल करते थे। सांस फूलने की बीमारी के चलते रामअवध की प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर मन्दिर परिसर में आ गए। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। कि इस बीच गांव के लोगों को पता चला कि मंदिर परिसर में अंतिम संस्कार करने की तैयारी चल रही है। बक्शा, लखनीपुर, गोपालापुर, भिवरहा गांव के सैकड़ो लोग शव जलाने की नई परम्परा का विरोध जताने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर हिमांशू नागपाल व सीओ सदर रणविजय सिंह भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजनों से बातचीत के बाद मन्दिर से सटे पुजारी के परिवार के पुस्तैनी खेत में अंत्येष्टि करने पर सहमति बनी।
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